क्या आत्मा होती है -- श्रीमान अमोघ लीला प्रभु !! kya atma hoti hai

हरे कृष्णा तो आज हम चर्चा करेंगे कि आत्मा जैसी कोई चीज वाकई में होती है या नहीं होती है क्या सोल वाकई में है या आत्मा वाकई में होती है या सिर्फ कुछ रिलीजस लोगों का ऐसा बिलीफ है कि आत्मा जैसी कोई चीज होती है क्या आत्मा वाकई में होती है क्या आत्मा कोई भूत चीज होती है जैसे कई बार टीवी सीरियल बनते हैं आत्मा तो आत्मा क्या है वास्त में क्या आत्मा वाकई में है नहीं है इ इट फैक्ट और स तो आज हम चर्चा करेंगे कि आत्मा वाकई में होती है या नहीं होती तो आत्मा तो होती है तो इसको लेकर के आज हम कुछ प्रूफ के ऊपर भी चर्चा करेंगे तो सबसे पहला प्रूफ जो है दैट सोल एजिस्ट इज कॉन्शसनेस ये फीलिंग ये इमोशंस ये कभी भी डेड केमिकल्स में नहीं आ सकते जो डेड केमिकल्स होते हैं वो एक एक मरे हुए व्यक्ति के अंदर भी होते हैं और एक लिविंग व्यक्ति के अंदर भी होते हैं सो लिविंग पर्सन एंड डेड पर्सन दे बोथ हैव सेम केमिकल्स लेकिन वो जो है वो मरा हुआ है यह व्यक्ति जीवित है ऐसा क्यों ऐसा कैसे हो सकता है भला तो क्या चीज है जो कि उसर मिसिंग है अग को बोले ना थोड़ा केमिकल्स का लोचा हो गया आगे पीछे इस वजह से वेल तो केमिकल बदल दे अगर केमिकल बदल देते तो उसे कैल्शियम कार्बोनेट था व वापस कैल्शियम कर देंगे उसको तो व जिंदा हो जाएगा लेकिन कैसे भी केमिकल्स को मैनिपुलेट करें लेकिन हम मरे हुए व्यक्ति को जिंदा नहीं कर पाते यानी कोई अंदर उसके अंदर एक ऐसी चीज है जो कि केमिकल्स के परे है तो व है कॉशसनेस फीलिंग जैसे कि हम जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पढ़ा करते थे अपनी कंप्यूटर साइंस में तोय आर्टि इंटेलिजेंस में भले ही कोई कितने अच्छे रोबोट बनाए जो कि बड़े ही स्किल्ड हो लेकिन इनके अंदर फीलिंग्लेस और इतना हंसा इतना हंसा कि उस रोबोट ने अपने पेट पकड़ लिया उसकी आंखों में आंसू आ गए उसने बोला बस यार और जोक मत सुनाई यार हंसा हंसा के तूने पेट में दर्द कर दिया नो मोर जोक क्या रोबोट ऐसा बोलेगा कभी नहीं बोलेगा नेवर एवर क्योंकि जो रोबोट है उसके अंदर कॉन्शसनेस नहीं है फीलिंग्लेस इड देयर बॉडी दे कैन सी देयर बॉडी लाइक देर वाज वन डिवोटा ही वाज शेयरिंग एन एक्सपीरियंस जिसको बोलते हैं ओबी आउट ऑफ बॉडी एक्सपीरियंस और एनडी आल्सो नियर डेथ एक्सपीरियंस कि लोग मरते वक्त जो है उनका एक्सीडेंट हुआ था तो वो ऑपरेशन थिएटर में थे एंड दे कुड सी सम वेरी ब्यूटीफुल प्लेस सम वेरी ब्यूटीफुल पीपल कोई बहुत सुंदर सा व्यक्ति उनको नजर आया था समथिंग लाइक दैट एंड देन दे केम बैक फिर वापस भी आ गए वो तो ये क्या हुआ और य कईयों के साथ हुआ ऐसा कईयों के साथ हुआ और एक और कारण जो है वो यह है जो कि ओबी एनडी में आता है और वो है कि आउट ऑफ बॉडी एक्सपीरियंस तो बॉडी के बाहर का एक्सपीरियंस जैसे एक बार एक डिवटी था उनका ऑपरेशन हो रहा था जर्मनी में और इन्होंने डॉक्टर को ऑपरेशन के बाद बोला देखिए आप लोग जब किसी पर ऑपरेट करते हैं तो आप लोगों को ना आपस में गोल्फ खेलने की बातें नहीं करनी चाहिए आप लोग कॉफी थोड़ा कम पिया करो क्या म ऑपरेशन करते हु आप लोग कॉफी पीते रहते हो तो डॉक्टर अनिश थे कि इसको तो हमने एनेस्थीसिया दिया हुआ था इसको कैसे यसा पता तो उन्होने पूछा आपको कैसे पता है कि हम लोग गोल्फ की बातें करते हैं तो उस डिवटी ने कहा कि ना सिफ मुझे ये पता है कि आप गोल्फ की बातें करते हो बल्कि मैं तो ये भी देख के आया था कि छत पे क्याक है तो छत पे जो है दरवाजे के पीछे जो है आपने नाइकी के दो जूते भी रखे हैं वहां पर जो बहुत फटे पुराने जूते हैं और वहां पर जो है पानी की टंकियां भी है पांच पानी की टंकियां एक पानी की टंकी लीक भी हो रही है वहां पर तो जब जब जाके देखा गया तो तो तो लॉक था जो छत थी और फिर लॉक उसको अनलॉक किया तो एक्चुअली दरवाजे के पीछे दो नायकी के पुराने जूते पड़े हुए थे और छह टंकियां थी उनमें से एक टंकी पानी की टंकी लीक हो रही थी दिस वेरी अटोनिंग आउट ऑफ बॉडी एक्सपीरियंस और नियर डेथ एक्सपीरियंस ये एक और प्रूफ है कि आत्मा तो होती है और साथ ही एक और प्रूफ है व्हिच वाज वेरी साइंटिफिक प्रूफ जो कि एक न्यूरोलॉजी के जो फादर माने जाते हैं मॉडर्न न्यूरोलॉजी के उनका नाम है डॉक्टर वाइल्डर पेंफील्ड सो डॉक्टर वाइल्डर पेंफील्ड ने जो है एक एक्सपेरिमेंट किया उन्होंने व्यक्ति को ऐसे बिठाया उसके सर पे चारों और जो है चेपियाना गाई इलेक्ट्रॉनिक इलेक्ट्रॉनिकली उसकी जो है जितने भी उसकी ब्रेन की एक्टिविटीज है उनको ट्रैक करने के लिए ठीक है और ये उन्होंने यहां सब लगा लिया उसके बाद वो कंप्यूटर प ट्रैक कर रहे थे उन्होंने फिर इस व्यक्ति को बोला जिसके कि सर पे उन्होंने जो ये सारे इलेक्ट्रॉनिकली या सर्किट उन्होंने जो लगाया हुआ है ताकि उसके मेंटल एक्टिविटीज को उसके ब्रेन की एक्टिविटीज को ट्रैक किया जा सके सो ही वाज ट्राइट प्रूव दैट ब्रेन इज अ सोर्स ऑफ कॉन्शसनेस ये सोल ल कुछ नहीं होता सो क्या सूल होती है नहीं होती सो ही वाज ट्राइम टू एक्सपेरिमेंट ऑन दैट तो उन्होंने कहा अच्छा अपना राइट हैंड उठाओ राइट हैंड उठाया तो उसके ब्रेन में यहां कुछ एक्टिविटी हुई जो कि उन्होंने यहां पे ट्रैक की ओ दोबारा हाथ उठाओ दोबारा हाथ उठाया दोबारा से उसी जगह पे एक्टिविटी हुई दोबारा हाथ उठाओ दोबारा हाथ उठाया फिर से उस जगह पे एक्टिविटी हुई तो तीन बार इस तरह से हाथ उठाने की एक्सरसाइज हुई अब चौथी बार डॉक्टर पेन फील्ड ने क्या किया इलेक्ट्रॉनिकली उसके ब्रेन में यहां पर एक्टिविटी की जो कि यहां पर उसने सारा ट्रैक किया हुआ है तो इलेक्ट्रॉनिकली उसी जगह पे एक्टिविटी की एक्टिविटी की फिर से हाथ उठ गया उसका अरे दोबारा से जब उस ज प इलेक्ट्रॉनिकली एक्टिविटी की यहां पर वहां से यहां पर तो फिर से ला हाथ उठ गया एक और बार किया फिर से हाथ उठ गया फिर से यहां से एक्टिविटी और फिर य हाथ उठ गया अब डॉक्टर पेन फीड जो इस व्यक्ति के पास आ है और कहा कि बताओ कितनी बार हाथ उठाया जी तो इस व्यक्ति ने कहा जी मेरा हाथ तो छह बारही उठा है लेकिन मैंने पहली तीन बारही उठाया था अगली तीन बारी मेरा हाथ तो उठा था लेकिन मैंने नहीं उठाया था डॉक्टर पने क्या क्या बोल रहे हो तुमने छह बार हाथ उठाया तो जो जिसके ऊपर एक्सपेरिमेंट होता था वो यही कहता था हां जी बिल्कुल आपने सही कहा कि ये हाथ तो छह बार ही उठा लेकिन मैंने पहली तीन बारही उठाया अगली तीन बारही हाथ तो उठा था लेकिन मैंने नहीं उठाया दिस वाज वेरी शॉकिंग कहते अरे ये क्या भाई तो डॉक्टर पेन फील्ड ने इस एक्सपेरिमेंट को कई लोगों के साथ दोहराया जब उन्होंने एक्सपेरिमेंट किया तो सबके साथ सेम रिजल्ट आया कि सब ये कहते थे कि पहली बारी में तो मैं नहीं उठाया था और उठा था लेकिन उसकी अगली तीन बारी ना मैंने नहीं उठाया था लेकिन फिर भी उठा था तो डॉक्टर पेन फील्ड ने ये निष्कर्ष निकाला दैट देयर इज समथिंग इन द बॉडी व्हिच यूज ब्रेन टू कंट्रोल द बॉडी एंड व्हाट इज दैट समथिंग दिस इज एक्चुअली सोल क्योंकि ब्रेन जो है ये तो एक एक तरह का मीडियम है जिससे की कॉन्शियस परमट होके जाती है एंड देन द बॉडी इज हैविंग इट इज एग्जिबिशनिस्ट लेकिन फैश कॉन्शसनेस आ कहां से रही है ये चेतना कहां से रही है ये तो वास्तव में सोल से आ रही है तो इस प्रकार से डॉक्टर पेन फील्ड का ये जो एक्सपेरिमेंट है ये बड़ा ही साइंटिफिक प्रूफ है कि आत्मा होती है ये दिखती नहीं है हमें ये दिखती नहीं है लेकिन वास्तव में होती तो है इस तरह से फूलों में खुशबू नजर नहीं आती सरसों में तेल नजर नहीं आता अ गन्ने के अंदर चीनी नजर नहीं आती दूध के अंदर लैक्टोज नजर नहीं आता उस तरह से शरीर में आत्मा नजर नहीं आती लेकिन आत्मा होती तो है ये फीलिंग्लेस आएंगे बाबा ये डेड केमिकल्स के अंदर से तो आ ही नहीं सकते बिकॉज दे आर डेड एक लिविंग पर्सन में से की वजह से कुछ डेड केमिकल्स आ सकते जैसे पसीना निकल आया लेकिन कभी डेड से जो है लाइफ नहीं आ सकती लाइफ ऑलवेज कम्स फ्रॉम लाइफ लाइफ कैन नॉट कम फ्रॉम डेड मैटर सो इन दिस वे देर आर मेनी सच प्रूव्स एज वेल और हम एक एक्सक्लूसिव एपिसोड आप लोगों के लिए लेकर के आएंगे जिसमें कि हम लोग रीन का नेशन के ऊपर भी चर्चा करेंगे व्हिच इज आल्सो अनदर प्रूफ फॉर प्रू विंग दैट सोल डज एजिस्ट आत्मा का अस्तित्व वास्तव में है एंड वी ऑल आर सोल्स वी आर स्टेइंग इन दिस बॉडी हम इस शरीर में रहते हैं वास्तव में लेकिन हम हमें शरीर नहीं है हम तो एक आत्मा है एक सुंदर सी आत्मा है जो कि भगवान श्री कृष्ण का अंश है क् भगवान कृष्ण बहुत सुंदर है इसलिए उनका ये अंश जो आत्मा है यह भी सच्चिदानंद है और यह भी बहुत ही सुंदर है थैंक यू वेरी मच फॉर वाचिंग हरे कृष्णा

Comments

Popular posts from this blog

जिनके सामने झुकते रहते हो, वो इस लायक हैं आचार्य प्रशांत, उद्धरण (2022)

जो ये जान जाएगा वो रिश्तों में कभी धोखा नहीं खाएगा आचार्य प्रशांत, बातचीत (2022)