हरे कृष्णा तो आज हम चर्चा करेंगे कि आत्मा जैसी कोई चीज वाकई में होती है या नहीं होती है क्या सोल वाकई में है या आत्मा वाकई में होती है या सिर्फ कुछ रिलीजस लोगों का ऐसा बिलीफ ह...
[संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] देखिए हमारा जैसा जन्म ही होता है हम बचपन से ही जैसे होते हैं जैसा हमारा शरीर है उसकी निर्मित थी इसकी संरचना हम भीतर से एक अपूर्णता एक तरह की बेचैन...
उसपे दिल जान सब न्योछावर कर दो जो टिक सकता है य सहम सिकुड़ना सिसकना ऐसे क्यों जीना ऐसा रखिए अपने आप को कि आज ही आपका सब कुछ छिन भी जाए तो भी आप पर एक सीमा से आगे प्रभाव ना आए मिल र...
Comments
Post a Comment