पत्नी और बेटी पर अत्याचार आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव ऋषिकेश में (2022)

[संगीत] हुआ है [संगीत] [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो [संगीत] के प्राणी बाद आईजी वी कि आचार्य जी मेरा सवाल बड़ा व्यक्तिगत भी और सामाजिक भी है यह घरेलू हिंसा को लेकर है आचार्य जी स्थिति ऐसी है कि मेरी मम्मी की शादी बहुत ही कम में सोलह साल की उम्र में उनकी शादी मेरे पिता से करवा दी गई उनके बाद में धीरे धीरे धीरे वह शराब के लिए तो मैं पढ़ने लगे वह सुबह 6:00 पानी की जगह शराब पीते हैं रात को दो बजे तक शराब भी पीते रहते हैं और उन्होंने धीरे-धीरे इतने संकट में डालने की मम्मी की गहने बेचने पड़े फिर एक टाइम पर जाकर पुलिस के पास गए पुलिस क्या करती है वो कि एक रात छोड़ेगी एक रात पकड़ेगी और अगले दिन सुबह छोड़ देगी असल लाइफ बदल दे देते हैं उनको छोड़ देते हैं एक दो बार यह उनको डर बैठा लेकिन बाद में वोटर खुल गया अब बगैर पुलिस में तो जाना है तो चले जाएंगे वह करते रहेंगे उसके बाद में चाहिए जी उनको नशा मुक्ति केंद्र में डाला कहीं से मम्मी को मैंने कहा कि हम इतने पैसे इन उड़ा दिया उनको सुधारने के लिए इनसे बचने के लिए नहीं तो करिए घर में रहे तो एक तो हिस्सा पड़ेगी ना किसी का पढ़ाई में ध्यान रखेगा क्यों नहीं हम खाना खा पाएंगे ठीक से जो मूल है उन्होंने नशामुक्ति में हम लेकर जाकर केंद्र भेजा नशामुक्त एवं गए जब शूट किया है तो उनका वोटर भी खत्म हो गया एकता चले जाएंगे अब उसके बाद में चाहिए जिन्होंने मम्मी पर गर्म तेल की कढ़ाई गिरना कभी-कभी झुमका मारपीट के चक्कर में भूमिका के लिए तो कमेंट के हाथ में आ जाता है उसकी टांगें 11:00 बहुत घरेलू हिसा करते हैं जब पहले मैं छोटा सा बड़ा हुआ तो यह सब नहीं देखा गया तो एक दिन मेरे द्वारा भी प्रहार का जवाब पर आर्मी गया मैंने भी हाथ उठा दिया कि मैं पीटते हुए एक अंत तक चाहिए इंसानियत के नाते चाहिए बेटे के नाते मैं नहीं देख पा रहा था और 4G यह जीत ऐसी है कि इसका कोई अंत नहीं हो पा रहा है कि कैसे हैंडल किया था कि आर्थिक थी वह कैसे सुधारें क्योंकि वह अगर मैं अपनी मां से 10 मिनट के लिए इधर-उधर हूं तो वह मौखातरा स्टेप वह पर हार करेंगे वह मारेंगे वह देखते नहीं है मर्चेंट इधर मारना है अगर मूड से भी व हाथापाई करने लगते हैं तो पहले तो उनको लगा कि बेटे ने मार दिया बेटे ने मा धीरे-धीरे धीरे-धीरे उनका वोटर भी खत्म हो गया उनकी कि यह बिल्कुल मिट गई मेरी बहन को हमने अपनी नानी के यहां गोद दे दिया था कि वह बच्ची है वह बड़ी होगी तो लोग बहुत चीजें रूटीन सिद्ध होंगी तो हमने वहां भेज दिया अब वह जब आती है तीन या चार साल में एक बार अपने घर पर तो सही होता कि मां-बाप के पास बैठूंगी पपीता शराब पी के उसे इतनी गंदी-गंदी लफ्ज़ बोलता है छत पर खड़े हो जाएंगे मुझे करेंगे तूने अपनी बहन का बलात्कार किया है अगर मम्मी रोते हुए मेरे पास मेरे कमरे में रखे दो मिनट बैठ जाए तो कहेंगे अरे तेरी मां के साथ नजर संबंध है ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं जगह-जगह तो हमें भी लगा कि कोई ना गुड़िया है अभी गुड नाइट बोलते हैं उसे गुड़िया बैठी हैं कोई दिक्कत नहीं है शायद इसको देखेंगे कुछ शर्म आए उन्होंने तो अपनी निशानी मेरी बहन को कहा कि रेड्डी ने चक्रवात तो मेरे वाला भी नहीं है अब वह छोटी हम उससे वह 17 साल की उसका भी टूट गया यह सुनकर और यह चीज बढ़ती ही जा रही है बढ़ती जा रही है तो अच्छा रे जी और बाकी मैंने समाज में कई जगह ऐसा देखा है कि ऐसी स्थिति में लड़कियां होती है या तो आप उनका खुद रेप करता है या उन्हें बेच देता है और नंदी जी तोष हथियार उठा पाती है इससे लड़े व उसकी जीवन को ध्वस्त कर दिया जाता है अब जैसे मां की ओर देखता हूं तो मां की ओर देखने से प्रतीत होता है कि मेरी मम्मी के 50 साल जिंदगी के 45 साल बीत गए उन्होंने अपनी जिंदगी में कुछ नहीं देखा छोटी उम्र में शादी कर दी जब समझ नहीं थी ओर देखा तो इन न सिर्फ मार खा है और बिना कारण मार्क आइए है तू कितने बजे सोता है मैं क्यों झूठ बोल रहे हो अभी तक इतना क्या जरूरत है फोन कहां से कम आते हैं कहां से लाते हैं हुआ है कल सुबह 6:00 पीने लगते हैं रात को दो बजे तक पीते हैं पैसे कहां से लाते हैं अचार्य वह खुद भी अध्यापक रहे हैं एक जमाने में आर्य स्कूल में वह टीचर थे उनकी संगति कैसे खराब हुई पता नहीं आज कहां से लाते हैं पैसा घर से चोरी करते हैं क्यों करने देते हो अचार जब इधर-उधर होते हैं तो कोई भी छोटा मानव जैसे तांबे का लोटा वह भेज दिया ₹10 खाना मुश्किल है चोरी रोकना नहीं रुक तो चोरी ए रुक तो चोरी है जिसको पिता कहते हो कि वह तो कब का विदा हो गया मैं अपनी बेटी को बोल रहा है डीएनए टेस्ट तो कह रहे हो पिता है कहां फिर अ कि जब अब औलाद को त्याग ही दिया है तो पिता का है पत्नी से अगर यह रिश्ता है कि बस मारना है इसी का रिश्ता है है तो पति कहां है हां तुम तो झूठे ही अतीत की कोई छड़ी ले करके बैठे होगी बाप अभी जिंदा है पति अभी जिंदा है कहां है कुछ चला गया को कुचला गया है एक शराबी बचा हुआ है उस खराबी को क्यों बोल रहे हो कि अचार्य जी जैसे उनको घर से बाहर हम निकाल देते हैं या जो कि वह तोड़फोड़ करना आज यानि कि उनको कहीं भी रखना ऐसा है उड़ किसकी करते हैं चीजों की तोड़फोड़ की चीज़ों की जो भी मम्मी ने समझाई है कि करके बचाव घर से बाहर निकाल दिया तोड़फोड़ कैसे करेंगे चीजें तो घर के अंदर है शीशे तोड़ दिए घर के पुलिस बल और पुलिस सर वही तो बताया पुलिस एक रात एक रात नहीं रखिए कि ज्यादा तोड़फोड़ कर लेंगे तो साधु भी होगा फिर वह छोड़ देती है उनको द्वारा दे दो तुम्हारा दे दो एक सिक्योरिटी रख लो जितना खर्चा इन सब चीजों में करते हो सिक्योरिटी रख लो कम हो जाएगी कुछ लिखो ना लाइक सांप किसी न किसी है कि समर्थन पर पनपती हैं जो व्यक्ति को अधिकतम फल भलीभांति पता हो और मिलता रहे तो उस पर अंकुश रहता है एक दुष्ट इंसान को उसके कर्म फल से बचाकर तो उसकी दुष्टता को प्रोत्साहन देते हो यह सदा ख्याल है महाभारत ऐसे ही नहीं हो गई थी ना वो मरे महाभारत का युद्ध कि क्या दुर्योधन की और कौरवों की पहली दुष्टता थी कि वह 40 साल से यही कर रहे थे तो भी नि च महाभारत की लड़ाई हुई है तो यह सब 50 पार कर चुके थे सारे भाई अर्जुन दुर्योधन सब लोग हैं 15 साल की उम्र से कि उसने नालायकी शुरू कर दी थी अ का विरोध अपने पिता की सह पर और करता चला गया कि वह पिता की शहर थे यहां पुत्र की और पत्नी की शब और की बात तो यह थी कि अरे कोई बात नहीं है बच्चा है या कि यह तो परिस्थितियों का मारा हुआ है इसको लगता है पिता के साथ अन्याय हुआ है कोई बात है कोई बात है तुम सहानुभूति दिखाई जाओ और दुष्टता को प्रोत्साहित किए जाओ मैं और तुम जो प्रोत्साहन दे रहे हो मुझे बताओ चलेगा कितने दिन में 16 से लेकर के तो तक है मनी दिन के बीच घंटे जो शराब पी रहा है व्यक्ति उसका लिवर अभी तक सलामत है मेरे लिए तो यही था Tubelight और बच्चे कैसे हुए हैं अभी तक कोई अब जवानी भी नहीं है 50 पार कर चुके होंगे 50 पार करने के बाद उनका लीवर अभी तक बचा कैसे हो है और जो वह है लीवर के सड़ने से मरेंगे और कौन आएगा उनको दूसरा लेवल देने है और इस तरह का हेपेटाइटिस तुअर रिवर्सिबल होता है खराब वाला अ कि उसका जिम्मेदार कौन होगा वह जो उनकी मौत होगी क्योंकि उनको पैसे मिलते रहे तो शराब पीते रहो उस मौत का जिम्मेदार कौन होगा और हैं उनको जेल करके कि उनके प्रति गहरी श्रद्धा दिखाकर के तो उनके लिए भी बहुत बुरा कर रहे हो ना यह उनके लिए अच्छा कर रहे हो हैंड्स फ्री में सबसे कह रहा हूं कि जब भी कोई व्यक्ति किसी घर का बर्बाद होता है उसकी बर्बादी में नंबर एक योगदान घर वालों का ही होता है और मुंह के मारे अज्ञान के मारे कि कौन कह रहा है कि कि कुरुक्षेत्र में सैनिकों ने एक दूसरे को मारा योद्धाओं एक दूसरे को मारा कुरुक्षेत्र में जितने मरे उन सबको धृतराष्ट्र ने मारा था है कि संध्या व होता है ना पुत्र मोह में पागल यह लाखों का खून बह जाता है इसको कुछ समझ में नहीं आ रहा होता है कि मेरा बच्चा है जो चाहता है इसको दे दो संपत्ति चाहिए इसको दे दो छूट चाहिए दे दोगे विचार करना चाहता है करने दो है और वही बात पुत्र भी कर देता है कभी पत्नी भी कर देती आम तौर पर पिता करते हैं है आमतौर पर पिता करते हैं तो दूसरी तरफ से भी हो जाता है पुत्र भी कर सकता है कि अध्यात्म और सहनशीलता यूं ही नहीं सिखाता कि कुछ भी हो रहा है उसको सही जाओ यह बड़ी व्यर्थ की छवि पकड़ी है भारत में में कि उसके कारण भारत का नुकसान भी बहुत हुआ है कि आध्यात्मिक आदमी तो ऐसा होता है कि एक गाल पर थप्पड़ मारे तो दूसरा गाल दिखा देगा अ कि किसने कह दिया अ कृष्ण अर्जुन से यह करवा रहे थे आप कौन हो है कि दुर्योधन तुमको एक तीर मारे तुम दो और खा लेना है हुआ है को गर्म और अधर्म इन शब्दों का कुछ अर्थ होता है या नहीं या मोह के आगे धर्म-अधर्म सारी बातें फिकी पड़ जाती है बस मोह मोह मोह और खून का रिश्ता मेरा तो खून का रिश्ता है मैं कैसे कह दूं मेरे पिता है मेरे पति हैं पति हैं भले ही फतेह रिपीट तोड़ दिया मार मार के अ है और जरूरी नहीं है कि पति शारीरिक रूप से ही मारे और मानसिक रूप से भावनात्मक स्तर पर आ को खींच चोटें पहुंचाई जा सकती है गहरे घाव दिए जा सकते हैं मैं क्यों चाहते हो कि किस ने सिखा दिया इतना झेलना कर दो कि इस बात को मैं अपने अनुशासन में डाल लीजिए कि कोई भी रिश्ता सच्चाई से बड़ा नहीं होता है है तो जब रिश्ते के मुद्दे छाए सच्चाई से आंखें मत मान लिया करिए कि मुझे नहीं मालूम यह जो अभी हमें में दे रहे हैं विवरण इसमें कितनी तथ्यात्मकता है मैं कुछ नहीं जानता इनके घर के बारे में तो मैं मान कर चल रहा हूं कि जो बता रहे हैं बात कुछ ऐसी ही होगी या कम से कम 50% ऐसी होगी यहां पर अगर 50% भी ऐसी है बात यह तो बहुत गलत है बात गलत मात्र उस व्यक्ति का व्यवहार नहीं है गलत मुझे यह लग रहा है कि इन्होंने इतने दिनों तक बर्दाश्त कैसे किया हुआ है है न कमाते हों धमाकते कि घर से चुराते अभी घर की आय का क्या स्रोत है हेलो हेलो अचार्य जी मैं खुद स्किल इंडिया के अंदर कंप्यूटर पढ़ाता था और लोगों के बाद वह जॉब छूट गए मेरी और मैं थिएटर में काम करता हूं मैं लिखता हूं तो उसके मुझे पैसे मिलते हैं मम्मी भी वह हमारे राजस्थान में वह बंधेज की एक भोग चढ़ा बनता है तो उससे हम घर के ही चलाते हैं और गुड़िया पड़ा रह उसको बाहर तो धीरे-धीरे हम दिनों अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं पर ये चाहिए जिसमें एक चीज और होती है कि जब यह चीज है बढ़ रही थी धीरे-धीरे तो मम्मी का पूरा ध्यान अंधविश्वास की तरफ भरने लगा कि उनको रोक पाना मुश्किल हो गया कि कोई बाबा जिनको धागा दे दिया या छोटा सा तो मेरे पैनिक अटैक्स आया करते थे यह सब देख कर देगा तेरे मम्मी को लगा कि महेंद्र कुछ घुस गया है कोई पुराना मरा हुआ व्यक्ति तो उन्होंने मेरे सिर पर बांधे रखा अब मम्मी से बहस करने जाऊं कि मम्मी ऐसा कुछ नहीं होता तो वह कहते हैं हां इतने साल पाल पोसकर बड़ा कर दिया अब यहां पर प्रेस कर रहा है तेरे पास बा हम तेरे बाप से तो मुझे कुछ मिला नहीं और तू भी ऐसे कर रहा है तो वह कि उनका मानने के लिए कि इन सेलिब्रेशन आफ हूं तो मैं एक बार यूज कर लेता हूं परिचय मेरा विश्वास नहीं के बाद ऐश की ओर नहीं पड़ा पर मम्मी दिन-ब-दिन उनकी तरफ भी बढ़ती जा रही हैं कि कहीं धागा ले लिया यह बहन की तबीयत खराब हुई तो कोई मौलवी से लिखवा लिया ऐसा कुछ कि वह दूध में घोलकर पी जाइए ठीक हो जाएगी इन चीजों में उनका ध्यान ज्यादा बढ़ते जा रहा है तो इन चीजों का 4G कैसे मैं हैंडल कर पाऊंगी है को समर्थन देने वाला एक पूरा माहौल चाहिए ना नालायकी को तो पूरा माहौल ही ऐसा है कि मूर्खता को बिरंगी को प्रोत्साहन दे रहा है कि तुम किसका भला कर रहे हो उस व्यक्ति का वाला कर रहे हो अपना भला कर रहे हो अपनी मां का या बहन का भरा कर रहे हो या समाज या राष्ट्र का भला कर रहे हो कि उनकी शराब स्पॉन्सर करके कि खुद तो कुछ कम आते नहीं है और यह ना कमाना ही उनको और छूट दे रहा है कि सेट करो जो करना है कि हर कुकृत्य को जायज ठहराया जा सकता है दूसरे मौकों पर मैंने कई बार कहा है कि शराबी शराब पीता है उसके पीछे कोई कारण होता है है लेकिन यदि कारण का हवाला देकर के हम किसी भी काम को जायज ठहराने लगे तो फिर तो सब कुछ चलेगा ना कि कोई हत्या करें चोरी करें बलात्कार करें झूठ बेईमानी सब कुछ ठीक है क्योंकि सांप कोई कारण होगा कारण तो होता यह बात तो ठीक है यह सब बच्चे पैदा होते हैं तो अब बच्चे को कोई न कोई कारण आगे चलकर के चोर डाकू हत्यारा बना देता है तो हम कारण की कितनी बात कर सकते हैं यहां पर सबसे बड़ी बात होती है कि हमारे पास चुनाव का अधिकार तो होता है ना और परिस्थितिगत कारण कुछ भी हो कि आपने दुष्टता चुनी क्यों कि परिस्थितियां आपको धकेल रही होंगी नशे की ओर आपने नशा चुनाव क्यों आपके पास नशे को ठुकराने का विकल्प तो हमेशा थाना अपने क्यों नहीं ठोक रहा है कि उन्हीं ठुकराया तो उसकी सजा मिलनी चाहिए अच्छा ठीक है हम घर के लोग हैं हमारा खून का रिश्ता है आपसे हम आपको बहुत कड़ी सजा नहीं दे सकते लेकिन इतना तो हम जरूर करेंगे तो ए किस चीज के लिए आपको पैसा ना मिले यह हम व्यवस्था कर रखेंगे है और अगर आप घर के किसी निर्दोष पर हां से उठाएंगे तो उसका दंड आपको मिलेगा इसकी व्यवस्था भी हम कर देंगे अ और बाकी आपकी अपनी जिंदगी है आप भी व्यस्त हैं हम सब व्यस्त हैं आपको अगर पीनी यह तो पीजिए पर अपनी जिम्मेदारी सौंपी हैं अब कमाइए और दीजिए कि संविधान सबको आजादी देता है अपने अनुसार जीवन जीने की आपको भी आ जाती है यहां पर अपने पैसों से पिए हैं और अपनी ही जिंदगी अपने अनुसार चलाएं दूसरों की जिंदगी पर बोझ न बने थे हुआ है है और मारपीट का का अधिकार तो आपको किसी भी हाल में नहीं है कि शराब के लिए पैसे मांगते हुए या नशे में आकर के है मुझको ऐसे ही थोड़े इतना बड़ा दुष्ट बताया है बड़े से बड़ा दोष है मोह है और बड़े से बड़ा दोष है दुर्लभ आप देख रहे देव क्या करता मैं दे दूं कि मैं देखूं और दे एक दूसरे व्यक्ति से आई है है तो दूसरा व्यक्ति मेरा बाप हो गया कि मैं देखूं और दे तो सदा किसी से आती है मैं तुझ से आई है वह मेरा पिता हो गया अध्यात्म आपको बार-बार बोलता है जब तक तुम अपने आप को देश मानते रहोगे तो और तुम्हें खून का बंधक बन कर देना पड़ेगा कि जब तुम अपने आप को पहचान लोगे तो फिर अपने असली बाप को भी पहचान लोगे और जब और आगे बढ़ोगे तो जान जाओगे कि तुम्हारा कोई बात ही नहीं है जब तुम खुद अपने बाप हो अब हम सबसे निचले स्तर पर जीते हैं हम अपने शारीरिक बाप कोई अपना बाप मानते रहते हैं उम्र भर और फिर उसका फल भोगते हैं कर दो कि इतना समझाया समझाने वालों ने क्यों अपने बच्चों की जिंदगी पर चढ़े बैठे हो नहीं समझ में आती बात मैं क्यों मानते हो कि जिनसे तुम्हारा रक्त का संबंध है वह लोग कुछ विशेष है हमें नहीं समझ में आती बात है कि हम फैमिली फैमिली कर-कर के मर जाते हैं को एकदम समझ में नहीं आती बात कुछ नहीं समझ में आती तो मिट्ठू फिर हुआ है और पिंटू ना अ मैं तुम्हें दंड पिता के पीठ अकड़ होने का नहीं मिल रहा है तुम्हें दंड आध्यात्मिक समझना रखने का मिल रहा है तुमको भी और तुम्हारी माता जी को भी दोनों को जो सजा मिल रही है इसलिए मिल रही क्योंकि तुम्हें जिंदगी की समझ नहीं है मैं तुम्हें कैसे व्यक्ति को पिता या पति मान रहे हो जो न पीता है ना पति है बस दोस्त है आप इतनी बार बोला कि हमारी मूल पहचान क्या है क्या है क्या बोलता हूं में एकत्रित चेतना हो तुम यह किस तरह की चेतना है है जो पत्नी के साथ बेटी के साथ मारपीट करती है और दुनिया भर के कुकर्म करती है कौन सी चेतना स्थित नो कितना सम्मान दे जल्दी बोलो यहां पर हमें चेतना तो समझ में ही नहीं आती हमें तो हाड़ मांस का पिंड समझ में आता है मेरे सामने जो खड़ा मेरा बेटा है मेरा बाप है पति है है उसको सम्मान देना है 108 बार समझाया सम्मान जिस्म को नहीं दिया जाता सम्मान उम्र को यह रिश्ते को नहीं दिया जाता सम्मान किसको दिया जाता है चेतना का तल को दिया जाता है सिर्फ वही चीज होती है जो सम्मान की हकदार होती है हमें बात समझ में ही नहीं आती हैं कि कुछ थोड़ा उम्र में बड़ा देख गया फट से जो कि उसके पांव छू लेते हैं हैं और अगर कोई छोटा सामने आ गया तो उम्मीद करते हैं कि हमारे पास हुए और नाच है तो हमें बड़ी चोट लगती है अरे यह तो मर में छोटा है कि नमस्कार प्रणाम नहीं करता पावना सुता अ मैं अपनी हालत देखो देखो तुम्हारा पहुंच हुई है कि उम्र का क्या है वह तो तुम है सूत्रों 50 साल तो भी उम्र बढ़ जाएगी कुछ मत करो जिंदगी में 50 साल बिस्तर पर पड़े तो तब भी बढ़ जाएगी तो हर 5 हैं कि तुम पड़े थे 50 साल बिस्तर पर है हुआ है हुआ है मैं कितनी बार कहा हम प्रति पल मरते हैं है इसका अर्थ समझो कि वह जो था पत्ती कभी वह कब का मर चुका है है लेकिन हमें नहीं समझ में आता कि हम प्रतिफल मारते हमें नहीं समझ में आता है कि जो कल था वह आज नहीं है तुम कल की छवि लेकर चल रहा है तो मैं लगा कल वाला आज भी है क्यों क्योंकि शक्ल से वैसा ही दिखता है ना जिस्म से वैसा ही दिखता है और हमें इसमें क्या है कुछ समझ में नहीं आता भाई उस कम वैसा यह जैसा कल था उसकी चेतना बदल चुकी है कि तुम आज भी क्यों उसको पति मान रही हो सिर्फ इसलिए कि उसकी शक्ल पहले जैसी है की शक्ल में सी है चेतना वैसी नहीं है यहां पर हम क्या करें हमने तो शादी भी अकेले ही करी थी हम तो शादियां भी शरीर ही करते हैं ना तो शरीर देखिए कहते हैं यही तो है इसी से करी थी हुआ है के द्वारा उसके मन से ज्ञान से बुद्धि से शादी किया करो तो मामला बेहतर चलेगा का या अगर उसकी बुद्धि से शादी करोगे तो समझ जाओगे कि यह बुद्धि बुद्धि तो है ही नहीं जिससे मैंने शादी करी थी ओ है तो इसका मतलब मेरा तो संबंध विच्छेद हो गया मैं अब नहीं है मेरे कोई पति जो पति होता था वह कब का जा चुका है उसका शरीर बस बचा हुआ है वह थोड़ा वक्त कि यूनिकोड आई कोई फैशन की बात थोड़े यह सारे ग्रंथ बार-बार बोलते हैं कि देव मूल पाप है है कि सुनने में अच्छा लगता है ना बड़ी बात लगती है ना हम्म दाएं हाथ में इसके बोलना चाहिए कि फैशन की बात नहीं है अगर नहीं समझोगे इस बात को तो जीवन में पग-पग पर कष्ट पाओगे जैसे अभी भाई ने बताया कुछ नहीं समझ में आता कि तुम चैतन्यरूप हो दे रूप नहीं है वह बहुत फिट हैं जीवन में जो अख़ खासकर कि महिलाएं हैं कि इन्होंने बताया इन्होंने हाथ उठा दिया पूरे विवरण यह कहीं नहीं था कि माताजी ने भी खूब ठोक दिया अरे ठोकर न ऐसे हो सकता है मजबूत तो जब नशे में शतक ठोक दो दो कि मैं तो कह हूं एक दिन साजिश करके ठोक दो कि तुम नहीं माता जी को कहना है को उठाओ करछुल और बेलन और कढ़ाई और दे दना दन में कि अचार्य जी माताजी ने भी अभी कुछ महीनों पहले मारना शुरु निर्माण और उन्होंने अब मैं जब मैं जब मारता था तब मुझ पर इल्जाम लगा तो मैं आपको फिर यह मैंने काम मैं अब मारूंगा नहीं मैं सिर्फ बांध दूंगा मैं भेज दूंगा मम्मी आप मारो ओह इन्होंने आपके कपड़ों तक सड़क महंगा मैन को बांधकर सड़क वह वहां मारो अब लोगों के एग्जांपल सेट हुआ कि जो मारेगा वह आएगा तो ऐसे करके हमने लड़ना सीखा हूं से मैं इतना करने की भी जरूरत नहीं है देखो तुम बस उनकी शराब के पैसे देना बंद कर दो छोटा-मोटा काम करके पैसे ले जाते तो करने दो फिर उसने अपना जीवन जीने दो छोटा-मोटा काम करके पैसे कमाए उसे खूब शराब पिए उनकी जिंदगी है जैसे चल रही है चलाएं पर दूसरों की जिंदगी का बोझ न बने थे कि उन्हें दिखा रहे हैं उन्हें उसी में आनंद है शराब पीने में तो पीने दो ना आंख मा यह पीजिए और कहीं और रहिए हमें मत परेशान करिए अब हुआ है अच्छा ठीक बैठ अ कर दो [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो कर दो कर दो [संगीत] कर दो [संगीत] झाल झाल

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